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रियल एस्टेट बनाम म्युचुअल फंड

भारत में आवासीय बाज़ार

इस दशक के प्रत्येक वर्ष में भारत के आवासीय बाज़ार ने आपूर्ति और बिक्री की सभी निचली सीमाओं को पार कर लिया है.आवासों की बड़ी जरूरतों के बावजूद भारत में न बिकी हुई इन्वेंटरी की एक बड़ी सूची है.

एक समय था जब 1988 से 1994 के बीच रियल एस्टेट बाज़ार में तेजी आई जब लोगों ने इसके मूल्य में 10 गुना बढ़ोत्तरी देखी .इसके बाद बाज़ार में गिरावट आई और एक बार फिर 2002 और 2012 के बीच बाज़ार में बढ़ोत्तरी दिखाई दी.2012 के बाद रियल एस्टेट बाज़ार स्थिर हो गया.

भारत के शीर्ष 8 शहरों के रियल एस्टेट बाज़ार का विश्लेषण किया गया है.यह लेख भारत के प्रत्येक निवेशक के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है जिसे लगता है की उसके पैसों या बचत को निवेश करने का एक मात्र रास्ता रियल एस्टेट है.

लाभ की तुलना

रियल एस्टेट में निवेश करना एक महंगा निर्णय हो सकता है.रहने के लिए घर खरीदने को निवेश के रूप नहीं देखा जाता है.घर को किराये पर देने के लिए खरीदना निवेश है.भारत में निवेश करने पर मिलने वाले रिटर्न के बारे में निश्चित नहीं हैं? यहाँ भारत के शीर्ष 8 शहरों में प्रमुख स्थानों पर बने घरों के लिए लाभ की तुलना की गई.

भारत:खरीददारी     भारत:किराया     प्रति वर्ष कराया /कीमत  
शहर स्थान क्षेत्रफल (वर्ग फूट)कीमत प्रति वर्ग फूट कुल कीमत (रु)शहर स्थान क्षेत्रफल (वर्ग फूट)प्रति माह किराया (रु)प्रति वर्ष किराया (रु)रिटर्न %पीई अनुपात
कोलकाता पार्क स्ट्रीट 1,99516,2903.25 करोड़ कोलकाता पार्क स्ट्रीट 1,70065,0007.80 लाख 2.4%41.66
बंगलुरु इंदिरा नगर 1,8009,4441.70 करोड़ बंगलुरु इंदिरा नगर 1,55039,0004.68 लाख 2.8%36.32
चेन्नईमडीपक्कम 1,4145,57278.80 लाख चेन्नईमडीपक्कम 1,35025,0003 लाख 3.8%26.26
पुणे हिंजेवाडी1,3608,4551.15 करोड़ पुणे हिंजेवाडी1,79033,0003.96 लाख 3.4%29.04
मुंबई बान्द्रा1,10066,3637.30 करोड़ मुंबई बान्द्रा1,15075,0009 लाख 1.2%81.11
अहमदाबाद नवरंगपुरा 1,5755,9502 करोड़ अहमदाबाद नवरंगपुरा 1,17015,0001.80 लाख 0.9%111.11
दिल्ली गोल्फ लिंक 2,40070,83316.99 करोड़ दिल्ली गोल्फ लिंक 2,0002,60,00031.20 लाख 1.8%54.48
हैदराबाद बंजारा हिल्स 1,8008,8881.60 करोड़ हैदराबाद बंजारा हिल्स 1,95025,0003 लाख 1.9%53.33

स्त्रोत :मेजिक ब्रिक्स

चेन्नई और पुणे में घर लगभग 3 % का रिटर्न देते हैं.इस सूचि में दूसरा स्थान कोलकता और बंगलुरु का है जहाँ ब्याज दर लगभग 2.5%से 3% है.अहमदाबाद मुंबई दिल्ली और हैदराबाद क्रमशः 0.9%, 1.2%, 1.8%, और 1.9% देते हैं.

यु एस ए:खरीददारी    यु एस ए: किराया    किराया प्रति वर्ष /कीमत  
शहर क्षेत्रफल (वर्ग फूट)कीमत प्रति वर्ग फूट (डॉलर)कुल कीमत (डॉलर)शहर क्षेत्रफल (वर्ग फूट)प्रति माह किराया (डॉलर )प्रति वर्ष किराया (डॉलर)रिटर्न %पीइ अनुपात
न्यू यॉर्क 1,200291.66349.9Kन्यू यॉर्क 1,2001,55018,6005.3%18.81
शिकागो 1,700217.05369Kशिकागो 1,6752,69532,3408.8%11.41
सिएटल1,570317.83499Kसिएटल1,5003,40040,8008.2%12.23

स्त्रोत:ज़ीलो

यु के :खरीददारी  यु के:किराया   किराया प्रति वर्ष/कीमत  
शहर कुल कीमत (पौंड)शहर किराया (पौंड) प्रति सप्ताह किराया (पौंड) प्रति वर्ष रिटर्न %पी इ अनुपात
लन्दन 400 हज़ार लन्दन 40421,0085.3%19.04
मेनचेस्टर 261.9 हज़ार मेनचेस्टर 31216,2246.2%16.14
ब्रिस्टल 303.9 हज़ार ब्रिस्टल 36919,1886.3%15.84

स्त्रोत:जूपला

जबकि यु एस में शिकागो में घर सबसे अधिक 8.8% रिटर्न देते हैं.इसके बाद सिएटल (8.2%) और न्यू यॉर्क (5.3%) आते हैं.यु के में ब्रिस्टल में घर सबसे अधिक (6.3%) रिटर्न देता है जिसके बाद मेनचेस्टर (6.2%) और लन्दन (5.3%) आता है.

रियल एस्टेट के बाज़ार में भारत यूके और यूएस से पीछे है और स्पष्ट रूप से निवेश के लिए आकर्षित करने वाला विकल्प नहीं है.

इन देशों के रियल एस्टेट रिटर्न की तुलना करने पर यह पता चलता है की भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार का पीइ अनुपात अन्य देशों की तुलना में अधिक है.ऊँचे पीइ अनुपात वाली कंपनियों में बढ़ोत्तरी अधिक तेजी से आपेक्षित होती है.भारतीय रियल एस्टेट बजार के रिटर्न में भविष्य में अधिक बढ़त की अपेक्षा है.वर्तमानं में अन्य देशों के अपेक्षा रिटर्न कम हैं.भारतीय रियल एस्टेट में निवेश भविष्य में ऊँचे रिटर्न दे भी सकता है और नहीं भी.कम समय में भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार से मिलने वाले रिटर्न यूएस और यूके की तुलना में कम हैं.

न बिकी हुइ इन्वेंटरी

आपने घर को बेचने के बारे में विचार कर रहे हैं? निश्चित नहीं हैं की इसे बेचने में कितना समय लगेगा? यदि आप किसी भी 8 शीर्ष शहरों में हैं तो यहाँ बताया है कि आपको घर बेचने में कितना समय लगेगा.

क्षेत्र घर (इकाइयाँ )बिक्री प्रति वर्ष 2015 (इकाइयाँ )बिक्री प्रति वर्ष 2016 (इकाइयाँ )बिक्री प्रति वर्ष 2017 (इकाइयाँ )2015 बिक्री पर आधारित इन्वेंटरी (वर्ष) 2016 बिक्री पर आधारित इन्वेंटरी (वर्ष) 2017 बिक्री पर आधारित इन्वेंटरी (वर्ष)
एनसीआर1,66,83138,05040,00537,6534.384.174.43
बंगलुरु 1,09,11250,08346,52934,5462.172.343.15
मुंबई1,15,96462,58160,37462,2561.851.921.86
अहमदाबाद 26,88416,82515,95015,7411.591.681.70
कोलकता39,25215,05317,64714,1472.602.222.77
चेन्नई 24,64017,88316,18715,5201.371.521.58
हैदराबाद17,35614,90314,99014,2431.161.151.21
पुणे 28,45436,26032,49033,9660.780.870.83

स्त्रोत: नाईट फ्रेंक

शीर्ष 8 शहरों में बिक्री 2015 के स्तर से नीचे है.मुंबई और पुणे ही केवल ऐसे दो शहर हैं जहाँ बिक्री में 2016 से 3-4 % की वृद्धि हुई है.नोटबंदी के कराण सबसे ज्यादा प्रभावित शहर बंगलुरु और कोलकाता हैं जहाँ 2016 की तुलना में बिक्री 20-25% कम हुई है.हैदराबाद, दिल्ली , चेन्नई और अहमदाबाद में बिक्री में 2016 से 5 % तक की गिरावट देखीै गई है.बिक्री में कमी के कारण न बिके हुए घरों की संख्या बढ़ गई है जिससे इन्वेंटरी बढ़ गई हैं.

2017 के बिक्री स्तर के साथ दिल्ली में वर्तमान इन्वेंटरी को बेचने में 4.43 वर्ष लगेंगे.बंगलुरु में 3.16 वर्ष कोलकाता में 2.27 वर्ष लगेंगे.मुंबई (1.86वर्ष),अहमदाबाद (1.71 वर्ष ),चेन्नई (1.59 वर्ष),हैदराबाद (1.22 वर्ष )और पुणे (0.84 वर्ष ).

बाज़ार में इतनी अधिक न बिकी हुई इन्वेंटरी के साथ,आवासीय फ्लैट्स /घरों की कीमतों में कमी आने की संभावना है और अगली कुछ तिमाहियों में बिक्री वृद्धि में भी कोई हलचल की सम्भावना नहीं है.बाज़ार में बढती हुई न बिकी हुई इन्वेंटरी के साथ नई परियोजनाओ के लोकार्पण में भी गिरावट आई है.2016 के स्तर की तुलना में इन शहरों में नई परियोजनाओ के लोकार्पण में 70% तक कमी आई है.न बीके हुए इन्वेंटरी वर्ष 2015 की बिक्री के आधार पर छोटे दिखाई देते हैं परन्तु नोटबंदी को ध्यान में रखते हुए हमें 2017 की संख्याओं पर निर्भर करना चाहिए.

खरीदना बनाम किराए पर देना

आप ऐसे घर में निवेश कर सकते हैं जिसे आप किराए पर देना चाहते हैं, पर क्या यह सही निर्णय है?क्या सभी लोग जो घर खरीद रहे हैं ,इसे किराए पर देना चाहते हैं?यह विश्लेषण घर खरीदने वालों और निवेशकों दोनों को ही घर किराए पर देने और मालिक होने के परिणामों को समझाने में मदद करेगा.इस विश्लेषण से निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं:

दिल्ली

दिल्ली में एक किफायती घर (850 वर्ग फूट) की किश्त और किराया समान होगा .इसलिए यह बेहतर होगा की आप दिल्ली में एक किफायती घर खरीदें.दिल्ली में बजट घर (2000 वर्ग फूट) और लक्जरी घर (4500 वर्ग फूट) किराए पे देना बेहतर होगा क्योंकि इसकी किश्त किराए से ज्यादा होगी.

मुंबई

मुंबई में एक किफायती घर (500 वर्ग फूट) की किश्त और किराया समान होगा.इसलिए यह बेहतर होगा की आप मुंबई में एक किफायती घर खरीदें.आज से 10 वर्ष बाद आप मुंबई में एक बजट घर (1000 वर्ग फूट ) के लिए समान किश्त या किराया दे रहे होंगे.आज से 16 वर्ष बाद आप मुंबई में एक लक्जरी घर (1500 वर्ग फूट ) के लिए समान किश्त या किराया दे रहे होंगे.

चेन्नई

चेन्नई में एक किफायती घर (750 वर्ग फूट) की किश्त और किराया समान होगा.इसलिए यह बेहतर होगा की आप चेन्नई में एक किफायती घर खरीदें बजाय इसके की किराए पर लें .आज एक बजट घर (1500 वर्ग फूट) और लक्जरी घर (2500 वर्ग फूट )खरीदना 25 वर्ष बाद यह सिद्ध कर सकता है की आपने सही निर्णय लिया था.पर इससे पहले कभी भी इसे किराये पर देना आपके लिए बेहतर होगा.

कोलकाता’

कोलकाता में एक एक किफायती घर (800 वर्ग फूट) खरीदना ,किराए पर लेने से बेहतर होगा. कोलकाता में बजट घर (1800 वर्ग फूट )और लक्जरी घर (2400 वर्ग फूट ) के लिए समान किश्त और किराया होने के लिए थोडा ज्यादा (25 वर्ष ) समय लगेगा.

बंगलुरु

भारत की सिलिकॉन वैली में एक किफायती घर (850 वर्ग फूट ) खरीदना बेहतर होगा.बजट (1600 वर्ग फूट )और लक्जरी घर (2700 वर्ग फूट) की श्रेणी के लिए किराया और किश्त समान होने के लिए क्रमशः 16 और 20 वर्ष की जरुरत है.

हैदराबाद

यदि आप बिरयानी के लिए प्रसिद्द हैदराबाद में घर खरीदना चाहते थे तो 17 और 18 वर्ष क्रमशः के ब्रेक इवन के साथ बजट घर (1650 वर्ग फूट) और लक्जरी घर (2650 वर्ग फूट)खरीदने की अपेक्षा एक किफायती घर (900 वर्ग फूट )खरीदना बेहतर विकल्प होगा.

अहमदाबाद

अहमदाबाद में एक किफायती घर (800 वर्ग फूट ) किराये पर लेने की अपेक्षा खरीदना बेहतर होगा.21 वर्ष के लिए बजट घर (1550 वर्ग फूट) और लक्जरी घर (2550 वर्ग फूट) की किश्त किराए से अधिक होगी.यदि आप अहमदाबाद में घर खरीदने का निर्णय ले रहे हैं तो यह लम्बे समय में एक फायदेमंद निर्णय होगा.

पुणे

पुणे जो की अन्य महानगरों की तुलना में एक छोटा शहर है ,वहां भी अन्य शहरों की तुलना में बजट घर और लक्जरी घर की श्रेंणी का ब्रेक इवन ज्यादा है.एक बजट घर (1600 वर्ग फूट) और लक्जरी घर (2400 वर्ग फूट) के लिए किश्त जितना ही किराया देने के लिए 25 वर्ष लगेंगे.पुणे में एक किफायती घर (800 वर्ग फूट ) अभी के अभी खरीदना संभव है क्योंकि आप जो किश्त देंगे वो किराए से कम होगी.

मुचुअल फंड बनाम रियल एस्टेट में निवेश

आपको मुचुअल फंड में निवेश करना चाहिए या रियल एस्टेट में? यदि आप बजट या लक्जरी घर की श्रेणी में शीर्ष 8 शहरों में कहीं भी घर न खरीदने का निर्णय लेते हैं और बचे हुए पैसों को (किराया देने के बाद) SIP के रूप में 12 % प्रति वर्ष के अनुसार निवेश करते हैं तो आप निम्नलिखित रिटर्न की अपेक्षा कर सकते हैं.बजट और लक्जरी घरों में किराए से रहने वाले लोगों के लिए क्रमशः 20 और 25 वर्ष की अवधि का उपयोग किया गया है. ब्रेक इवन वर्ष के बाद रिटर्न शून्य होंगे क्योंकि किराया किश्त से अधिक होगा.

शहरबजट घर (रु)लक्जरी घर (रु)
दिल्ली1.62 करोड़ 8.71 करोड़
मुंबई12.58 लाख 1.79 करोड़
चेन्नई57.64 लाख 1.78 करोड़
कोलकाता60.91 लाख 1.33 करोड़
बंगलुरु26.91 लाख 1.15 करोड़
हैदराबाद22.43 लाख 75.46 लाख
अहमदाबाद37.10 लाख 98.99 लाख
पुणे67.09 लाख 1.51 करोड़

*रिटर्न की गणना किराया देने के बाद मासिक SIP के आधार पर की गई है.

भारत में आवासीय बाज़ार से रिटर्न 4 % तक सीमित हैं.मुचुअल फंड 15% का वार्षिक रिटर्न दे सकते हैं.आप खुद देख सकते हैं की 12 % का वार्षिक रिटर्न 20-25 वर्ष में आपको क्या दे सकता है.आप म्युचुअल फंड में 100 रु प्रति माह की छोटी राशि से भी निवेश करना प्रारंभ कर सकते हैं. बड़ी संख्या में उपलब्ध सलाहकारों और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्म की सहायता से म्युचुअल फंड में निवेश करना ऑनलाइन खरीददारी करने जैसा ही आसान है.

निष्कर्ष

मेरी राय में, यह किराए पर देने के उद्देश्य से आवासीय संपत्ति में निवेश करने का सही समय नहीं है. नोटबंदी , गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) और रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2017 (आरईआरए) जैसे उपाय जो सरकार ने पारदर्शिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लाए हैं उन्होंने इस उद्योग को अपरिवर्तनीय रूप से बदल दिया है.आवासीय बाजार अभी बहुत नाजुक है और रिटर्न समय के साथ डूब सकते हैं.म्युचुअल फंड ने ऐतिहासिक रूप से ऊँचे रिटर्न दिए हैं. बाज़ार में बढती तेजी के साथ आप कभी पीछे न आकर आगे बढ़ने की उम्मीद रख सकते हैं.

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